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एक्शन में योगी, मनचाहा स्टाफ नहीं रख सकेंगे मंत्री, निजी सचिव और एपीएस में हड़कंप

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने दोबारा शपथ ले ली है. सीएम योगी ने मुख्यमंत्री और केशव प्रसाद मौर्या और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कामकाज शुरू कर दिया है. सरकार के गठन के बाद सीएम योगी फुल एक्शन में दिख रहे हैं. इस बार उन्होंने सबसे पहले फैसला अपने मंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों को दिया है. इस बार मंत्री और डिप्टी सीएम कोई भी अपना मनचाहा स्टाफ नहीं रख पाएगा. पिछली सरकार में मंत्रियों के यहां पर रहे पीएस और स्टाफ को साइड लाइन किया जा रहा है. इसे लेकर सचिवालय में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. वहीं कुछ मंत्री सीएम योगी से पुराने स्टाफ को रखने की सिफारिश करने में लगे हैं.


25 मार्च 2022 को शपथ लेते ही सीएम योगी आदित्यनाथ फुल पॉवर के साथ एक्शन में दिख रहे हैं. उन्होंने अपने डिप्टी सीएम और मंत्रियों पर नजर रखने के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है. इस प्लान के तहत इस बार मंत्री अपना मन चाहा या फिर पुराने स्टाफ को नहीं रख सकेंगे. पिछली सरकार में मंत्रियों के यहां रहे लोगों को शासन पूरी तरह से साइड लाइन करने में लगा है. मंत्री अपने पिछले स्टाफ को भी नहीं रख पाएंगे.योगी सरकार के सभी मंत्रियों के स्टाफ को बदलने के निर्देश दिए जा चुके हैं.


सचिवालय के निजी सचिवों और APS स्टाफ में हड़कंप मच गया है.

 

अरमानों पर फिर गया पानी

सूत्रों की मानें तो योगी सरकार के दोबारा से सत्ता में आने के बाद से सचिवालयों के निजी सचिवों और एपीएस स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई थी. सोचा था कि इस बार किसी सचिव के मंत्री का प्रमोशन हो गया है या फिर कोई मंत्री डिप्टी सीएम बन गया है. लेकिन सीएम योगी ने मंत्रियों के शपथ लेते ही कई नए काम कर दिए, जिससे मंत्रियों और उनके स्टाफ और सचिवों के अरमानों पर पानी फिर गया. अब सभी सचिवों और स्टाफ को हटाकर सचिवालय से अटैच किया जा रहा और सचिवालय में लगे स्टाफ को मंत्रियों के साथ लगाया जा रहा है.

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