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Careless-बिना फ़िटनेस के दौड़ती एम्बुलेंस और स्कूल वैन,बस संचालको को भेजे नोटिस।

 शहर में ट्रेवल एजेंसी से लेकर विभिन्न रूटों पर परमिट लेकर दौड़ रहीं 123 बसें और 45 से अधिक एंबुलेंस बगैर फिटनेस के दौड़ रहीं हैं। इनमें कई गाड़ियों की फिटनेस जांच को तीन साल बीत चुके हैं। एंबुलेंस में आग लगने की घटनाएं भी कई दफा हो चुकी हैं, लेकिन जानलेवा एंबुलेंस की जांच तक आरटीओ की टीमें नहीं कर रही हैं।


 लॉकडाउन के बाद वाहनों को फिटनेस जांच में छूट दी गई थी, लेकिन इसके बाद वाहन स्वामियों ने गाड़ियों की फिटनेस जांच ही नहीं कराई। आरटीओ के रिकॉर्ड के अनुसार 123 बसें ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इनमें कई की फिटनेस को तीन साल हो चुके हैं। इनमें परमिट वाली और ट्रेवल्स की बसें भी शामिल हैं।


 इसी तरह आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंसों में 45 से अधिक की फिटनेस खत्म हो चुकी है। इनमें से कई एंबुलेंस तो खटारा हो चुकी हैं, लेकिन इनकी जांच करने की जहमत प्रवर्तन टीमें नहीं उठाती हैं। खटारा एंबुलेंस से आगरा में कई घटनाएं हो चुकी हैं। दो सप्ताह पहले ही सेवला सराय पर एक एंबुलेंस में आग लग गई थी। 2019 में एंबुलेंस में लगे एलपीजी सिलिंडर में आग से मरीज झुलस गया था।


 कोरोना संक्रमण के कारण वाहन स्वामियों को छूट मिली हुई थी। इस कारण गाड़ियों की फिटनेस जांच नहीं हो पाई है। एंबुलेंस जैसी गाड़ियों की फिटनेस में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। बस संचालकों को नोटिस भेजे हैं, अब एंबुलेंस व स्कूली वाहन सभी को नोटिस भेजेंगे। - अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)

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